गोपालन एवं प्राकृतिक कृषि: जैविक खाद और देशी गोवंश संरक्षण पर किसान संवाद
ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित किसान संवाद में प्राकृतिक खेती और गोपालन के पारस्परिक संबंध पर गहन चर्चा हुई। किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि गोमूत्र और गोबर से तैयार जैविक खाद से न केवल खेती की लागत घटी है, बल्कि भूमि की उपजाऊ क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मंच द्वारा बेसहारा पशुओं को चारा-पानी व चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए नागरिक सहयोग नेटवर्क तैयार करने का संकल्प लिया गया। साथ ही किसानों को सरकारी प्रशिक्षण और जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।
